आप का स्वागत है
वसुधैव कुटुंबकम
श्रेष्ठ एवं आवश्यक सामर्थ के अनुसार जनादेश की प्रतिपूर्ति एवं क्षतिपूर्ति संविधान के नियम-निस्तारण न कर सकने पर उक्त मंडल की मान्यता के अनुसार निस्तारण होगा |
शसंपूर्ण उपलब्ध संविधानों की संज्ञानता तक जनहित में तर्कसंगत एवं न्यायोचित बहुमत की मान्यता आपत्ति रहित तक प्रभावी रहेगी |
हमारा कार्य


